अगर आप चना मदरा रेसिपी घर पर बिल्कुल पारंपरिक हिमाचली स्वाद के साथ बनाना चाहते हैं, तो यह आसान विधि आपके लिए है। चना मदरा हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों में से एक है। खासकर चंबा, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू के इलाकों में इसे पारंपरिक धाम के दौरान बड़े चाव से परोसा जाता है।
इसकी सबसे खास बात है इसका गाढ़ा और मलाईदार दही वाला ग्रेवी बेस, जिसमें देसी घी और साबुत मसालों की खुशबू मिलकर एक अलग ही पहाड़ी स्वाद देती है। इसमें प्याज और टमाटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए इसका स्वाद आम चने की सब्जी से बिल्कुल अलग होता है।
आज की इस विधि में हम जानेंगे कि हिमाचली चना मदरा कैसे बनाएं, इसके लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए और दही को बिना फटे अच्छी तरह पकाने का सही तरीका क्या है।
चना मदरा क्या है?
चना मदरा हिमाचल प्रदेश का एक पारंपरिक दही आधारित व्यंजन है। इसे मुख्य रूप से काबुली चने, गाढ़े दही, देसी घी और साबुत मसालों के साथ धीमी आंच पर तैयार किया जाता है।
हिमाचली धाम में इसका खास स्थान है। पारंपरिक भोज में चना मदरा को चावल के साथ परोसा जाता है और इसका गाढ़ा मसालेदार ग्रेवी वाला स्वाद इसे बाकी चने की सब्जियों से अलग बनाता है।
इस रेसिपी की खासियत यह है कि इसमें मसालों की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती। सही तरीके से भुने हुए साबुत मसाले और अच्छी तरह फेंटा हुआ दही ही इसके स्वाद की असली पहचान हैं।
सामग्री (4–5 लोगों के लिए)
2 कप काबुली चने, रातभर भिगोए हुए
2 कप गाढ़ा दही
3 बड़े चम्मच देसी घी
1 छोटी चम्मच जीरा
4–5 लौंग
1 बड़ी इलायची
1 इंच दालचीनी
2 तेजपत्ता
½ छोटी चम्मच हल्दी
1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
½ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
स्वादानुसार नमक
1 चुटकी हींग
1 छोटी चम्मच सौंफ पाउडर
चना मदरा बनाने की विधि
Step 1: चने उबालें
सबसे पहले रातभर भिगोए हुए काबुली चनों को अच्छी तरह धो लें। इन्हें कुकर में डालें और जरूरत के अनुसार पानी तथा थोड़ा नमक डालकर 4–5 सीटी तक पकाएं।
चने पूरी तरह नरम होने चाहिए, लेकिन इतने भी नहीं कि हाथ लगाते ही टूटने लगें। उबलने के बाद चनों को अलग निकालकर रख दें।
अगर चने पहले से अच्छी तरह भिगोए हुए हैं तो उन्हें पकने में कम समय लगेगा।
Step 2: दही तैयार करें
एक गहरे बर्तन में गाढ़ा दही लें और उसे अच्छी तरह फेंट लें। दही में गांठें नहीं रहनी चाहिए।
अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। घी गर्म होने पर इसमें जीरा, लौंग, बड़ी इलायची, दालचीनी, तेजपत्ता और एक चुटकी हींग डालें।
साबुत मसालों को धीमी से मध्यम आंच पर कुछ सेकंड भूनें। जब मसालों से अच्छी खुशबू आने लगे तो आंच धीमी कर दें।
अब इसमें फेंटा हुआ दही धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें। शुरुआत में दही को लगातार चलाना बहुत जरूरी है, क्योंकि तेज आंच पर दही फट सकता है।
Step 3: दही में मसाले मिलाएं
दही को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए हल्का गाढ़ा होने दें। अब इसमें हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और सौंफ पाउडर डालें।
मसालों को दही के साथ अच्छी तरह मिलाएं और धीमी आंच पर पकाते रहें।
यहां जल्दबाजी न करें। चना मदरा का असली स्वाद धीमी आंच पर मसालों और दही को अच्छी तरह पकाने से आता है।
Step 4: उबले हुए चने डालें
अब उबले हुए काबुली चनों को दही की ग्रेवी में डाल दें। चनों को धीरे से चलाएं ताकि वे टूटें नहीं।
अगर ग्रेवी बहुत ज्यादा गाढ़ी लग रही है तो इसमें चनों का बचा हुआ थोड़ा गर्म पानी डाल सकते हैं।
अब कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर लगभग 10–15 मिनट पकने दें। इस दौरान दही की ग्रेवी चनों के अंदर तक अच्छी तरह समा जाएगी और मसालों का स्वाद भी बढ़ जाएगा।
Part 1 यहीं तक रहेगा। अगले भाग में इसी recipe को आगे बढ़ाते हुए चना मदरा की finishing, सही consistency, Chef Shera Tips, दही न फटने की खास तरकीब और इसे हिमाचली धाम जैसा स्वाद देने के तरीके आएंगे।


