हिमाचल नगर निकाय चुनाव: 10 जनवरी को होगा मतदान, अधिसूचना जारी, लागू हुई आचार संहिता।
हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय क्षेत्रों में चुनाव का बिगुल बज गया है। सूबे की 50 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव 10 जनवरी, 2021 को होंगे। राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन शहरी निकाय क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। हालांकि, नगर निगमों और छह नई नगर पंचायतों के चुनाव की घोषणा बाद में होगी। 24 दिसंबर से पहले मतदान सूचियां तैयार कर ली जाएंगी। शहरी निकायों की चुनाव प्रक्रिया 12 जनवरी 2021 को पूरी होगी।
राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त पार्थसारथी मित्रा ने चुनाव अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के अनुसार राज्य की 29 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों में चुनाव होंगे। छह नई नगर पंचायतों अंब, चिड़गांव, कंडाघाट, नेरवा, निरमंड और आनी के चुनाव बाद में होंगे। 50 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में उम्मीदवार 24, 26 और 28 दिसंबर को सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नामांकनपत्र भर सकेंगे।
29 दिसंबर की सुबह 10 बजे के बाद नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएगी। 31 दिसंबर की सुबह 10 से दोपहर बाद 3 बजे तक नामांकन वापस ले सकेंगे। नामांकन पत्र वापस लेने के तुरंत बाद चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चिह्न जारी होंगे। अधिसूचना के अनुसार मतदान 10 जनवरी, 2021 की सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी और फिर तत्काल बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
इस बार पंचायती राज चुनाव के लिए सरकार एसओपी तैयार कर रही है। चुनाव के समय वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ सैनिटाइज होंगे। तय किया जाएगा कि बूथ पर एक समय में वोटिंग करने कितने लोग एक साथ आ सकते हैं। सुरक्षा के चलते वोट डालने का समय थोड़ा बढ़ सकता है। अगर किसी गांव में कोई कोविड पॉजिटिव है तो उसके लिए अलग से वोटिंग का प्रावधान होगा। लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से जो भी खर्च होगा उसे प्रदेश सरकार उठाएगी। बता दें प्रदेश के अधिकतर जिलों में पंचायत चुनाव रोस्टर जारी हो गया है।
22 तक घोषित हो सकते हैं पंचायत चुनाव
राज्य चुनाव आयोग ने 50 शहरी निकायों के चुनाव घोषित कर दिए हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार आगामी 22 दिसंबर तक पंचायत चुनाव की घोषणा की जा सकती है।
प्रदेश की 115 नई पंचायतों की मतदाता सूचियां 18 दिसंबर तक फाइनल करने का समय चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों को दे रखा है। इसके बाद सूचियों का अंतिम प्रकाशन भी होना है।
कोविड काल में चुनाव कराना आयोग के लिए चुनौतियां से कम नहीं
कोरोना काल में पहली बार हो रहे चुनाव को संपन्न कराना राज्य चुनाव आयोग के लिए चुनौतियों से कम नहीं होगा। शहरी निकायों में जहां ईवीएम से चुनाव होने हैं, वहीं पंचायतों में बैलेट पेपर पर ठप्पा लगाकर मतदान करना होगा। चूंकि कोरोना महामारी हिमाचल में लगातार बढ़ती जा रही है, ऐसे में हर व्यक्ति के वोट देने के बाद मशीन और ठप्पे को सैनिटाइज करने से लेकर मतदान और मतगणना के दौरान दो गज की दूरी का पालन कराना बड़ी चुनौती रहेगा।
वैसे तो आयोग ने कोविड को लेकर प्रोटोकॉल तैयार किया है। साथ ही पहली बार स्वास्थ्य कर्मियों की भी मदद ली जाएगी। इसके बावजूद ऐसे समय में जब भीड़ से कोविड के बढ़ने का खतरा ज्यादा है, उस समय मतदान को सुरक्षित कराना और लोगों को संक्रमण से बचाना आयोग के लिए मुश्किलों भरा रहेगा।


