MultiTask Bharti 2021: मल्टीटास्क भर्ती पर बड़ी खबर, CM के विशेषाधिकार की होगी परीक्षा
शिक्षा विभाग में हो रही पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती के मामले में मुख्यमंत्री के विशेष अधिकार एवं विवेक की परीक्षा अब हाई कोर्ट में होने वाली है। इसकी वजह यह है कि इस भर्ती में करुणामूलक आधार पर भरे जा रहे 4000 पदों में से अभी 500 भी नहीं भरे गए हैं, लेकिन हाई कोर्ट में 60 से ज्यादा केस इस प्रक्रिया पर दर्ज हो गए हैं।
सरकार कुल 8000 पदों की भर्ती मल्टी टास्क वर्कर में करने जा रही है और इनमें से आधे पद करुणामूलक आधार की भर्ती के हैं।
इसमें रूल 18 के तहत मुख्यमंत्री को सीधे नियुक्ति का अधिकार है। हालांकि इसमें भी करुणामूलक आधार तय करने के लिए पात्रता की कुछ शर्तें रखी गई हैं। लेकिन बहुत से जिलों में इस तरह की भर्ती लोगों को पसंद नहीं आ रही। सबसे पहले मंडी के बगसयाड़ ब्लॉक से हाई कोर्ट में केस गया था और इस मामले में भी हाई कोर्ट ने रूल 18 को नकारते हुए रूल 7 में भर्ती करने को कहा था।
इसमें एसडीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी नियुक्ति करती है।अब सिरमौर, मंडी और शिमला आदि जिलों के कुछ मामले हाई कोर्ट पहुंचे हैं, जिसमें रूल 18 को यह कहते हुए चुनौती दी गई है कि यह भेदभाव पूर्ण है। इसमें भी हैरानी की बात यह है कि 90 फीसदी से ज्यादा केस सिर्फ सिरमौर जिला के हैं। सभी मामलों में मंडी के पुराने केस के आधार पर रूल 18 की जगह रूल 07 में भर्ती करने का आग्रह किया गया है। इस मामले में सबसे पहले केस में ही हाई कोर्ट ने मल्टीटास्क वर्कर भर्ती पॉलिसी को लेकर राज्य सरकार को जवाब दायर करने को कहा था। यह जवाब दायर हो गया है, लेकिन इसके बाद अब इस पॉलिसी का क्या होगा?
यह आने वाले दिनों में पता चलेगा। हालांकि सरकारी सिस्टम में यह आशंका अब आ गई है कि कहीं यह भर्ती भी रुक न जाए। दूसरी ओर सीधी भर्ती के मामले में भी स्कूल से घर की दूरी के प्रावधान को अब हटाया जा रहा है।
इसे पंचायत के वार्ड एरिया या किसी अन्य माध्यम से डिफाइन किया जाएगा। जब तक फाइल पर यह फैसला नहीं हो जाता, तब तक सीधी भर्ती के पदों को भी नहीं भरा जा सकेगा।




